ट्रेन वेटिंग टिकट क्या है? पूरी जानकारी (2026 गाइड)

भारतीय रेलवे में यात्रा करते समय कई बार ऐसा होता है कि टिकट कन्फर्म नहीं हो पाता और टिकट पर WL (Waiting List) लिखा आ जाता है। ऐसे टिकट को वेटिंग टिकट कहा जाता है। इस आर्टिकल में हम वेटिंग टिकट से जुड़े सभी नियम आसान भाषा में समझेंगे।


🔹 वेटिंग टिकट क्या होता है?

जब किसी ट्रेन में सभी सीटें भर जाती हैं और फिर भी आप टिकट बुक करते हैं, तो आपको वेटिंग लिस्ट टिकट मिलता है।

इसका मतलब है कि आपकी सीट अभी कन्फर्म नहीं है।

उदाहरण:

  • WL 5 → आप वेटिंग लिस्ट में 5वें नंबर पर हैं


🔹 वेटिंग टिकट कितने प्रकार के होते हैं?

1️⃣

GNWL (General Waiting List)

  • सबसे ज़्यादा कन्फर्म होने की संभावना

  • स्टेशन से बुक किए गए टिकट

2️⃣

RLWL (Remote Location Waiting List)

  • बीच के स्टेशन से यात्रा करने पर

  • कन्फर्म होने की संभावना कम

3️⃣

PQWL (Pooled Quota Waiting List)

  • छोटे स्टेशनों के लिए

  • कन्फर्म होना मुश्किल


🔹 क्या वेटिंग टिकट पर ट्रेन में चढ़ सकते हैं?

❌ ई-टिकट (Online Ticket)

  • नहीं

  • अगर चार्ट बनने तक टिकट कन्फर्म नहीं हुआ, तो:

    • टिकट अपने आप कैंसिल

    • पैसा रिफंड

✅ काउंटर टिकट

  • जनरल कोच में यात्रा कर सकते हैं

  • स्लीपर / एसी कोच में नहीं


🔹 चार्ट बनने का समय

  • ट्रेन चलने से 3–4 घंटे पहले

  • इसी समय तय होता है कि टिकट कन्फर्म होगा या नहीं


🔹 वेटिंग टिकट कन्फर्म कैसे होता है?

  • किसी यात्री का टिकट कैंसिल होना

  • कोच बढ़ना

  • रेलवे द्वारा सीट एडजस्टमेंट

👉 GNWL सबसे पहले कन्फर्म होता है


🔹 वेटिंग टिकट का रिफंड नियम

💰 ई-टिकट

  • पूरा पैसा वापस

  • किराया + GST ऑटो रिफंड

💰 काउंटर टिकट

  • चार्ट बनने से पहले काउंटर पर कैंसिल कराना जरूरी


🔹 वेटिंग टिकट कन्फर्म होने की संभावना कैसे बढ़ाएं?

✔ जल्दी बुकिंग करें

✔ GNWL को प्राथमिकता दें

✔ वीकडे में यात्रा करें

✔ त्योहारों से बचें


🔚 निष्कर्ष

वेटिंग टिकट एक आम समस्या है, लेकिन सही जानकारी होने से नुकसान से बचा जा सकता है।

अगर टिकट ई-टिकट है और कन्फर्म नहीं हुआ, तो ट्रेन में चढ़ना नियमों के खिलाफ है।


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